मनोसामाजिक विकास सिद्धांत

एरिक्सन / इरिक्सन

इरिक्सन को नव्य फ्रायर्डवादी माना जाता है क्योंकि एरिक्सन सिग्मण्ड फ्रायर्ड के विचारों से काफी हद तक सहमत थे लेकिन एक बात पर सहमत नहीं थे। एरिक्सन का मानना है कि बालक के विकास पर सामाजिक अनुभूतियों का प्रभाव पड़ता है। उसकी काम शक्ति/कामुकता का नहीं।

मनोसामाजिक विकास सिद्धांत

इरिक्सन ने मनोसामाजिक विकास की 8 अवस्थाऐं बताई।

26 जनवरी की ऐसी शुभकामनायें नहीं देखि होंगी| यहाँ क्लिक करके देखो

26-january-2023
  1. विश्वास-अविश्वास की अवस्था 0-2
  2. स्वतंत्रता-संदेह की अवस्था 3-4
  3. आत्मबल-अपराध की अवस्था 5-6
  4. परिश्रम-हीनता की अवस्था 7-12
  5. पहचान भूमिका की अवस्था 13-18
  6. घनिष्ठता-अलगाव की अवस्था 19-35
  7. उत्पादकता-निष्क्रीयता की अवस्था 36-55
  8. ईमानदारी-निराशा की अवस्था-65 से ऊपर
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