सोनार किला | Sonar Kella

सोनार किला

Sonar Kella GK

  • प्रचलित कहावत – ‘घोड़ा कीजे काठ का पग कीजे पाषाण, अख्तर कीजे लोहे का तब पहुँचे जैसाण’। इस दुर्ग के सम्बन्ध में अबुल फजल की उक्ति – ‘यह ऐसा दुर्ग है, जहाँ पहुँचने के लिए पत्थर की टाँगें चाहिए।’
  • सोनारगढ़ दुर्ग का निर्माण चूने का प्रयोग किए बिना पत्थरों को जोड़कर किया गया है।
  • जैसलमेर दुर्ग विश्व का एकमात्र दुर्ग है जिसकी छत लकड़ी की बनी हुई है।

उपनाम :-  सोनगढ़, गौहरारगढ़, त्रिकूटगढ़ एवं ‘उत्तर भड़ किवाड़’।

  • राज्य का दूसरा सबसे बड़ा लिविंग फोर्ट। (पहला – चित्तौड़ दुर्ग)
  • कमरकोट :- दुर्ग का घाघरानुमा दुहरा परकोटा। इसे स्थानीय लोग ‘पाड़ा’ भी कहते हैं।
  • प्रवेश द्वार :- अक्षय पोल (मुख्य प्रवेश द्वार), गणेश पोल, सूरज पोल, हवा पोल।
  • शीश महल :- दुर्ग में महारावल अखैसिंह द्वारा निर्मित सर्वोत्तम विलास।
  • दुर्ग के भीतर जैसल कुआँ प्राचीन पेयजल स्रोत है।

ढाई साके के लिए प्रसिद्ध

 पहला साका :- 1308 से 1312-13 ई. के मध्य अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय। उस समय जैसलमेर का शासक मूलराज था।

 दूसरा साका :- फिरोज तुगलकराव दूदा के मध्य युद्ध तथा जिसमें दूदा की हार हुई।

 तीसरा अर्द्ध साका :- 1550 ई. में कंधार के अमीर अली के आक्रमण के समय। उस समय जैसलमेर शासक राव लूणकरण थे। इसमें केसरिया हुआ, जौहर नहीं।

  • इस दुर्ग में हस्तलिखित ग्रंथों का सबसे बड़ा भंडार ‘जिनभद्र सूरी ग्रंथ भंडार’ अवस्थित है।
  • जैसलमेर दुर्ग महलों में पत्थर पर बारीक खुदाई एवं कलात्मक जालियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • इस दुर्ग के भीतर ही घड़सीसर का तालाब है।
  • आदिनाथ जैन मंदिर :- इस दुर्ग में स्थित सबसे प्राचीन जैन मंदिर
  • फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे द्वारा सोनार किला फिल्म का निर्माण किया गया।
  • दूर से देखने पर यह दुर्ग पहाड़ी पर लंगर डाले एक जहाज का आभास कराता है।
  • वर्ष 2009 में इस दुर्ग पर 5 रुपये का डाक टिकट जारी किया गया।
  • वर्ष 2009 में आए भूकम्प से इसमें दरारें पड़ गई हैं।
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