राज्य प्रशासन में मुख्यमंत्री की भूमिका

मुख्यमंत्री कार्यालय / मुख्यमंत्री का सचिवालय

  • राज्य में मुख्यमंत्री को सचिवीय या प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिए पृथक से ‘मुख्यमंत्री कार्यालय’ होता है।
  • जिस प्रकार मंत्रिमंडल सचिवालय मंत्रिमंडल से संबंधित कार्य करता है उसी प्रकार राज्य का मुख्यमंत्री कार्यालय मुख्यमंत्री से संबंधित कार्य सम्पादित करता है।

संगठन

  • राजस्थान में मुख्यमंत्री कार्यालय की स्थापना सन् 1951 में की गई थी।
  • मुख्यमंत्री कार्यालय का प्रमुख एक सचिव होता है जिसे मुख्यमंत्री का सचिव भी कहा जाता है।
  • ये सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का वरिष्ठ अधिकारी होता है।

कार्य

मुख्यमंत्री सचिवालय का कार्य मुख्यमंत्री को आवश्यक प्रशासनिक सहायता प्रदान करना है। जो निम्न है-

  • मुख्यमंत्री सचिवालय का मुख्य कार्य यह देखना होता है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन राज्य, संभागों और सभी जिलाें में प्रशासन द्वारा किया जा रहा है या नहीं।
  • मुख्यमंत्री काे प्रशासनिक सहायता, सूचनाएं, आंकड़े, तथ्य और जानकारी उपलब्ध कराना।
  • मुख्यमंत्री से संबंधित दस्तावेजों, फाइलों और महत्त्वपूर्ण पत्रों को सुरक्षित रखना और उनका निस्ताकरण करना।
  • मंत्रिमंडल के द्वारा लिये गये निर्णयों की क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
  • मुख्यमंत्री के दौरों एवं यात्राओं को सुनिश्चित करना।
  • जनता की शिकायतों के पत्रों को छांटकर संबंधित विभाग को भिजवाना।
  • केन्द्र सरकार और अन्य दूसरे राज्यों से आये पत्रों को छांटकर मुख्यमंत्री को प्रेषित करना और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार उन पत्रों के जवाब प्रस्तुत करना।
  • मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का क्रियान्वयन करवाना।
  • विभिन्न विभागों, संभागों और जिलाें को दिशा-निर्देश देना।
  • राज्य में हो रहे विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं पर निगरानी रखना तथा इनकी प्रगति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करना।
  • मुख्यमंत्री आपातकाल सहायता कोष का प्रबंध करना।
  • प्रवासी राजस्थानियों के मामलों को निपटाना।
  • मुख्यमंत्री के अधीन विभाग के कार्यों को संपादित करने में सहायता एवं परामर्श प्रदान करना।
  • मुख्यमंत्री के पास जो भी फाइल आती है उस पर आवश्यक टिप्पणी या नोट अंकित करना।
  • मुख्यमंत्री से मिलने आने वालों के लिए समय और बैठक तय करना।

मुख्य सचिव

  • जिस प्रकार मंत्रिमंडल का प्रधान मुख्यमंत्री होता है उसी प्रकार शासन सचिवालय का मुखिया मुख्य सचिव होता है जो सामान्यत: भारतीय प्रशासनिक सेवा का वरिष्ठतम अधिकारी एवं मुख्यमंत्री का विश्वासपात्र होता है।
  • मुख्य सचिव राज्य सचिवालय का कार्यकारी प्रमुख होता है।
  • वह राज्य प्रशासन का प्रशासनिक मुखिया होता है और राज्य प्रशासनिक ढाँचे के शीर्ष स्तर पर होता है।
  • राज्य प्रशासनिक व्यवस्था का केन्द्र बिन्दु होता है।
  • मुख्य सचिव राज्य मंत्रिपरिषद् का सचिव होता है। जो मंत्रिमंडल का सदस्य न होते हुए भी उसकी बैठकों में भाग लेता है, उसकी कार्यसूची तैयार करता है।
  • राजस्थान के निर्माण होने पर 13 अप्रैल, 1949 को राज्य के प्रथम मुख्य सचिव श्री के. राधाकृष्णन बने।
  • श्री भगवत सिंह मेहता का कार्यकाल (1958-64) मुख्य सचिवों में सर्वाधिक रहा।
  • श्री विपन्न बिहारी लाल माथुर सर्वाधिक मुख्यमंत्रियों के काल में मुख्य सचिव रहे।
  • राजस्थान की प्रथम महिला मुख्य सचिव श्रीमति कुशल सिंह थी।

मुख्य सचिव के कार्य 

मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में

  • मुख्य सचिव राज्य प्रशासन से जुड़े सभी मामलों में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार के रूप में कार्य करता है।
  • मुख्यमंत्री राज्य के शासन से संबंधित सभी नीतिगत मुद्दों पर मुख्य सचिव से परामर्श करता है।
  • मुख्य सचिव राज्य के मंत्रियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों से संबंधित प्रशासनिक अड़चनों की जानकारी मुख्यमंत्री को देता है।
  • मुख्य सचिव, राज्य सरकार के सचिवों और मुख्यमंत्री के बीच की कड़ी के रूप में भी कार्य करता है।

मंत्रिमंडल के सचिव के रूप में

  • मुख्य सचिव राज्य मंत्रिमंडल के सचिव के रूप में कार्य करता है।
  • वह मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख होता है तथा आवश्यकतानुसार कैबिनेट और इसकी उपसमितियाँ की बैठक में भाग लेता है।
  • मुख्य सचिव मंत्रिमंडल की बैठक की कार्यसूची तैयार करता है और बैठक की कार्यवाही का रिकॉर्ड भी रखता है। वह इन बैठकों के लिए गए निर्णयों का कार्यान्वित करता है।

लोकसेवा रूप में

  • मुख्य सचिव राज्य लोकसेवा के प्रमुख के रूप में कार्य करता है।
  • वह राज्य के वरिष्ठ लोकसेवकों की नियुक्ति, स्थानांतरण तथा पदाेन्नति से जुड़े मामलें देखता है।
  • यह राज्य की लोकसेवा के मनोबल को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
  • वह सभी लोकसेवकों की चेतना का रखवाला होता है।

प्रमुख समन्वयक के रूप में

  • मुख्य सचिव राज्य प्रशासन का प्रमुख समन्वयक है।
  • सचिवालय स्तर पर उसका कार्य अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना है।
  • वह अंतर्विभागीय विवादों के समाधान के लिए गठित समन्वयन समिति का अध्यक्ष होता है।
  • वह विभागों के सचिव की बैठकों की अध्यक्षता भी करता है।

कुछ विभागों के प्रमुख के रूप में

  • मुख्य सचिव सचिवालय के कुछ विभागों का भी प्रशासनिक प्रमुख होता है।
  • तथापि हर राज्य में उसकी पदस्थिति एक-सी नहीं होती है अर्थात् इस मामलें में देशभर में एकरूपता नहीं है।
  • अधिकांश राज्यों में सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक विभाग योजना विभाग और प्रशासनिक सुधार विभाग सीधे तौर पर मुख्य सचिव के प्रभार में होते हैं।

संकटकालीन प्रशासक के रूप में

  • मुख्य सचिव बाढ़, सूखा, सांप्रदायिक दंगों और अन्य आपदाओं के समय अति महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
  • ऐसे समय में वह राहत कार्याें में लगे अधिकारियों और एंजेसियों को मार्गदर्शन और नेतृत्त्व प्रदान करता है।
  • मुख्य सचिव सामान्यत: संकटकाल के दौरान उच्च स्तरीय निर्णय लेने के लिए गठित समितियों का अध्यक्ष या महत्त्वपूर्ण सदस्य होता है।        
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