तहसीलदार का क्या काम होता है

तहसीलदार के कार्य

तहसील प्रशासन में तहसीलदार को उसके कार्यों को संपन्न करने के लिए नायब तहसीलदार, कानूनगों, गिरदावर, भूमि राजस्व निरीक्षक और पटवारी सहायता करते हैं। 

तहसीलदार

  • प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से प्रत्येक जिले को उपखण्डों में और उपखण्ड को तहसीलों में विभाजित किया गया है।
  • तहसील राजस्व प्रशासन की एक मुख्य इकाई होती है।
  • तहसील अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है सरकारी मालगुजारी वसूल करने वाली प्रशासनिक इकाई।
  • राजस्थान में अलवर में सन् 1791 में तहसील शब्द का प्रयोग राजस्व प्रशासन में देखने को मिलता है।
  • तहसील का प्रमुख अधिकारी तहसीलदार होता है।
  • राजस्थान में तहसीलदार राज्य अधीनस्थ सेवा का अधिकारी होते हुए भी राजपत्रित अधिकारी होता है।

भू- राजस्व अधिकारी के रूप में

  • वह तहसील क्षेत्र के प्रत्येक गाँव के भू-अभिलेख, नक्शों और सूचनाओं को सुरक्षित रूप में रखता है।
  • वह तहसील के सभी पटवारियों, कानूनगों और भूमि निरीक्षकों के कार्यों का निरीक्षण करता है।
  • वह गाँवों की भूमि की खसरा, नक्शा, नामान्तरण और भूमि से संबंधित आवश्यक अभिलेख तैयार करवाता है।
  • भू-राजस्व के दोषी व्यक्तियों (जिन्होंने भू-राजस्व को नहीं चुकाया है) की फसल की उपज या अन्य चल-अचल राजस्व संपत्ति को नीलाम एवं कुर्की कर वह भू-राजस्व को वसूल करता है।
  • तहसीलदार तहसील क्षेत्र में राजस्व न्यायालय के रूप में भूमि सीमा संबंधी विवाद, गोचर एवं वन भूमि संबंधी विवाद, भूमि का नामांतरण संबंधी विवाद, भू-राजस्व वसूली संबंधी विवाद और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण संबंधी विवादों का निपटारा करता है।
  • वह अपने उपखण्ड में भू-अभिलेख और राजस्व ग्रामों के नक्शे तैयार करवाता है।

न्यायिक अधिकारी के रूप में

राजस्व प्रशासन के नियमों के अंतर्गत तहसीलदार निम्नलिखित प्रकरणों की प्राथमिक सुनवाई करता है –

  • तहसीलदार न्यायिक अधिकारी के रूप में काश्तकारी भूमि विवाद।
  •  चारागाह भूमि एवं वन भूमि विवाद
  •  कृषि भूमि सीमा विवाद
  •  लगान मुक्त भूमि की जांच एवं परीक्षण करना
  •  उत्तराधिकार एवं नामांतरण संबंधी विवाद
  •  भूमि मुआवजे के मामलों से संबंधित विवाद और संबंधी प्रकरणों

तहसीलदार उपरोक्त प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों को न्यायिक अधिकारी के रूप में 6 माह की सजा और 200 रुपये का जुर्माना लगा सकता है। 

प्रशासनिक अधिकारी के रूप में

  • तहसीलदार प्रशासनिक कार्यों में तहसील के कोषागार की रक्षा एवं नियंत्रण करता है।
  • कृषि भूमि के विक्रय का पंजीकरण करता है।
  • आम निर्वाचन में समुचित व्यवस्थाएं करता है।
  • तहसील में विभिन्न प्रकार की केन्द्रीय सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं का संचालन एवं पर्यवेक्षण करता है।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सस्ते मूल्यों की दुकानों का निरीक्षण करता है।
  • कृषि उपजों, कृषि जोतों की श्रेणी, भूमि स्वामित्व, और कृषि भूमि के क्षेत्रफल से संबंधित सूचनाएँ एवं आंकड़े एकत्रित करता है।
  • जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन करता है।
  • प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्यों का संचालन करता है।
  • तहसीलदार अपनी तहसील के क्षेत्र का समय-समय पर दौरा करता है, जन-सुनवाई करता है तथा लोगों की समस्याओं का निराकरण करता है।
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