First Generation of Computer

पहली पीढ़ी ( First Generation of Computer , 1940 -1952 / 1956  )

पहली पीढ़ी ( first generation of computer ,1940 -1952 ) – इस पोस्ट के माध्यम से आप को कंप्यूटर की प्रथम पढ़ी के बारे विस्तार से जानकारी प्राप्त होगी। निर्वात नलियों ( Vacuum Tubes ) के आविष्कार  ही प्रथम सम्पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर बनाया गया। 

इसका नाम ENIAC ( ELECTRONIC NUMERICAL INTERATOR AND CALCULATOR ) रखा गया।  first generation of computer  को ऑपरेटर करने के लिए मशीन भाषा  इस्तेमाल इसकी प्रोगरामिंग भाषा के रूप किया जाता था।

  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर को इनपुट पञ्च कार्ड और कागज टेप द्व्रारा दिया जाता था। पहली पीढ़ी के कंप्यूटर एक समय मैं एक कार्य कर सकते थे।
  • यह 20 * 20 वर्ग फ़ीट कमरे के आकर का था।

इसका वजन 30 टन तथा इसमें 18000 Vacuum Tubes का उपयोग किया गया था।  प्रोफेसर J . Presper Eckert  तथा John Mauchly द्व्रारा निर्मित ENIAC के द्व्रार दो संख्याओं को जोड़ने (add ) मैं 200 मिक्रोसेकण्ड्स तथा गुणा करने मैं 2000 मिक्रोसेकण्ड्स लगते थे। 1945 मैं हंगरी के एक गणितज्ञ John Von Neumann  को विचार आया। 

इस विचार को Stored Program Concept नाम से जाना गया | सभी आधुनिक कम्प्यूटर इसी Concept पर आधारित होते हे | इसी विचार को सर्वप्रथम समाविष्ट ( incorporate ) करने वाला कम्प्यूटर EDSAC (ELCTRONIC DELAY STORAGE AUTOMATIC CALCULATOR ) था।

जिसे कैमिब्रज विश्व विद्यालय  मई 1949 मैं निर्मित किया था। 50 दशक के प्रारम्भिक वर्षो मैं निर्मित UNIVAC-1 (Universal Automatic Computer) प्रथम ककम्प्यूटर था। इसी बाजार मैं क्रय (sale ) करने के विचार से उतारा गया | UNIVAC-1 पुनः ENIAC के निर्माताओं  बनाया।

  1. Hardware Feature – Vacuum Tubes , Punch Card ,
  2.  Characteristics – Support Machine Languge Only, Generate lot of heat , Hhuge size Consumed Lot of Electricity , 
  3. System  Names – ENIAC , EDVAC , TBM 701 ,

एनीएक ENIAC 

इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटेग्रेटर एंड कॅल्क्युलेटर (Electronic Numerical Integrator And Calculator) था जिससे अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ पनसेल्वनिया के J. Presper Eckert तथा John Mauchaly ने बनाया।

(Electronic Numerical Integrator And Calculator) था यह पचास फुट लम्बा तथा  तीस  फुट छोटा था इसका वजन तीस टन इसमें 18000  वैक्यूम ट्यूबों का उपयोग हुआ था।

इससे संचालित करने के लिए एक लाख पचास हजार वाट लाइट आवश्यकता होती थी। प्रथम पीढ़ी के अन्य मत्वपूर्ण कम्प्यूटर EDSAC (1947-49), MANCHESTER MARK-1(1948), UNIVAC (1951) आदि थे।

एडवेक (ADVAC) 

संन्न 1946 – 1952 Electronic Discrete VeriableAutomatic Computer एनिएक के सलाहकार हंगरी के जॉन वॉन न्यूमन की संग्रहित अनुदेश संकल्पना (Store Programme Concept) के आधार पर बनाया गया। इससे पूर्व कम्प्यूटरो में प्रोग्राम एवं डाटा संग्रह करना बहुत ही मुश्किल कार्य था।

प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर में कमिया

प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटरों में कई कमिया थी। ये आकार में बहुत बड़े थे अधिक ताप से प्राय इनकी टूयब जल जाया करती थी। इनके ख़राब होने के संभावन अधिक रहती थी। इनका रख रखाव बहुत मंहगा होता हैं और इनमे विधुत भी बहुत ज्यादा खर्च होती हैं। इनकी कार्य करने की गति धीमी होती हैं। पंच कार्ड का उपयोग के कारण इनपुट आउटपुट करने की गति धीमी थी। इनकी मुख्य समृति बहुत कम थी प्रोग्रमिंग क्षमता भी कम थी और इनका बहुत ही सिमित उपयोग था। 

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