2021

रक्त का संगठन

रक्त का संगठन यह एक प्रकार द्रव्य संयोजी उतक है। रूधिर की उत्पत्ति भ्रूण की मिसोडर्म से होती है। शरीर में (मानव) रूधिर की मात्रा शरीर के भार की 7% होती है। इसकी प्रकृति क्षारीय होती है pH value = 7.4 सामान्य व्यक्ति में 5 से 6 लीटर रक्त पाया जाता है। रक्त का लाल …

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लाल रक्त कणिकाएं ( Red Blood Cells )

लाल रक्त कणिकाएं ( Red Blood Cells )– इनको इरिथ्रोसाइटस भी कहते हैं। इनका निर्माण लाल अस्थि मज्जा में होता है (जन्म के बाद में)। गर्भस्थ शिशु (featus) में इनका निर्माण यकृत एवं प्लीहा में होता है। वयस्क मनुष्य में R.B.C. की संख्या : पुरूष में 50 से 55 लाख/ cumm3 of Blood तथा स्त्री में …

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श्वेत रक्त कणिकाएं ( White Blood cells )

श्वेत रक्त कणिकाएं ( White Blood cells )- इनका निर्माण अस्थिमज्जा, लिम्फनोड में होता है। इनका जीवनकाल औसतन 1 से 4 दिन होता है एवं Lymphocyts का वर्षों तक भी। इनमें केन्द्रक पाया जाता है। इनकी आकृति अनिश्चित होती है (अमीबा के समान) एवं ये आकार में R.B.C. से बड़ी होती है (19 से 16 \muμm …

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रूधिर पट्टिकाएं (Blood Platelets)

रूधिर पट्टिकाएं (Blood Platelets) – इन्हें थ्रोम्बोसाइट भी कहते हैं। ये वास्तविक कोशिकाएं ना होकर एक बड़ी कोशिका के टुकड़े हैं। इनका आकार R.B.C. एवं W.B.C. से छोटा (2-3 \muμm) होता है। इनका निर्माण भी अस्थि मज्जा में ही होता है। इनका जीवनकाल 1 सप्ताह तक होता है। इनका मुख्य कार्य रूधिर के थक्के बनाना होता …

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रक्त का थक्का जमना

रूधिर स्कन्दन (Blood Clotting) : इसे रूधिर का थक्का बनना कहते हैं। यह एक जटिल प्रक्रिया है जब किसी शरीर के भाग से करने पर रूधिर निकलता है। तब रूधिर में उपस्थित प्लेटलेटस से स्त्रावित रासायनिक पदार्थ रूधिर के प्रोटीन से क्रिया करके प्रोथ्रोम्बोप्लास्टीन नामक पदार्थ में बदल जाती है। रक्त का थक्का जमना प्रोथ्रोम्बोप्लास्टीन + रूधिर …

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हृदय की संरचना एवं कार्य

सबसे व्यस्त मानव अंग हृदय है। विश्व में पहला हृदय प्रत्यारोपण डॉ. क्रिस्टियन बर्नाड द्वारा किया गया था सर्वप्रथम कृत्रिम हृदय का प्रयोग (शल्य चिकित्सा के दौरान) माइकेल डी बाने ने किया था। पेस-मेकर हृदय की धड़कन को नियंत्रित करता है। स्वस्थ व्यक्ति की हृदय धड़कन 72 बार प्रति मिनट होती है। हृदय की ध्वनियाँ (लब, डब) को स्टैथोस्कोप …

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एन्टीजन एवं एन्टीबॉडी

कार्ल लैंडस्टीनर ने सन् 1900 ई. में पता लगाया कि मनुष्य में रूधिर के चार वर्ग होते हैं तथा इन वर्गों को A, B, AB और 0 नाम दिया। विभिन्न रूधिर वर्गों में भिन्नता का कारण R.B.C. की कोशिका झिल्ली पर पाये जाने वाले विशेष ग्लाइकोप्रोटीन होते हैं जिन्हें एन्टीजन कहते हैं। एन्टीजन एवं एन्टीबॉडी …

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पाचन तंत्र के कार्य

पाचन तंत्र के कार्य हर्निया कुछ लोगों में आहारनाल की लम्बाई बढ़ जाती है। और यह आहारनाल नर में वृषण कोष में प्रवेश कर जाती है जबकि महिला के पेट के पास जमा हो जाती है, जिसे हर्निया कहा जाता है। बवासीर (पाईल्स) यदि रक्त वाहनियों की लम्बाई बढ़कर बड़ी आँत से बाहर आ जाती …

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अभिप्रेरणा

अभिप्रेरणा किसी कार्य को प्रारंभ कर उसे जारी रखना निश्चित उद्देश्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अभिप्रेरणा कहते हैं। अभिप्रेरणा किसी कार्य का प्रारंभ एवं अंत होती है। अभिप्रेरणा एक अंतरिक्ष शक्ति है जो व्यक्ति को कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। अभिप्रेरणा अंग्रेजी के MOTIVATION शब्द का हिन्दी रूपान्तरण है जिसका शाब्दिक अर्थ …

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अधिगम के सिद्धांत स्कीनर, हल, गुथरी

क्रिया प्रसुत सिद्धांत क्रिया प्रसुत सिद्धांत – स्कीनर – 1938 / सक्रिय अनुबंधन  / अधिगम का श्रृंखला सिद्धांत / R-S Theory सिद्धांत / अधिगम का नेमेतिक सिद्धांत क्रिया-प्रसुत से आशय – वह व्यवहार जिसका संचालन बिना उद्दीपक की उपस्थिति में होता है, क्रिया प्रसुत कहलाता है। स्कीनर का यह सिद्धांत थॉर्नडाइक व क्लार्क हल के सिद्धांत पर …

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